मैं फिर लौट जाना चाहती हूँ अपने बचपन,
जीना चाहती हूँ वो बचपन अपने माँ-पापा के साथ,
जो बिता दिया मैंने हॉस्टल की चार दीवारों मे,
जहां संडे को माँ – पापा मिलने आते थे,
और सिर्फ कुछ पलों की खुशी मिलती थी हमें
उस थोड़ी सी खुशी के लिए बैठे रहते थे सारे दिन,
बस इंतजार ही तो किया करते थे वहाँ
गणपतीजी प्लीज समय को थोड़ा पीछे ले जाइए,
मैं भी अपने माँ – पापा के साथ रहना चाहती हूँ
माँ के हाथो से बना खाना खाना है,
उनकी गोद में सोना है,
पापा से कहानियाँ सुननी है,
भगवान जी बस एक बार लौटा दीजिये मेरा बचपन